Monday, 18 November 2019
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प्रेक्षावाहिनी का हुआ शुभारम्भ

संगीत प्रतियोगिता का भी हुआ आयोजन

बीकानेर(गंगाशहर), आचार्य महाश्रमण के सान्निध्य में प्रेक्षावाहिनी की गंगाषहर इकाई का शुभारम्भ आज तेरापंथ भवन के प्रज्ञा समवसरण में हुआ। जिसमें लगभग 130 साधकों ने भाग लिया। करणीदान रांका ने प्रेक्षा गीत  के संगान के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की। आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान के महामंत्री जैन लूणकरण छाजेड़ ने संवाहक के रूप में प्रदीप सांड के नाम की घोषणा की। प्रषिक्षण के दौरान मुनि कुमार श्रमण ने मंगल भावना प्रयोग करवाया एवं प्रेक्षा वाहिनी के स्वरूप व उद्देष्यों के बारे में बताते हुए कहा कि प्रेक्षाध्यान के साधकों को जोड़ने का एवं आचार्य महाप्रज्ञ की जन्म शताब्दी तक बड़ी संख्या में साधक कार्यकर्ता तैयार करने का विषेष लक्ष्य है। मुनि पीयुष कुमार ने कार्योत्सर्ग का प्रयोग करवाया। जतन दूगड़, मनोज सेठिया, जतन संचेती, विजेन्द्र छाजेड़, विनय चैपड़ा, विनीत बोथरा की उपक्रम के उद्देष्यों की सराहना की। संचालन मनीष बाफना ने किया।

संगीत प्रतियोगिता का आयोजन

आचार्य तुलसी जन्म शताब्दी के अवसर पर “तुलसी जन मानस का प्यारा“ संगीत प्रतियोगिता का आयोजन तेरापंथ भवन में परम श्रद्धेय आचार्य श्री महाश्रमण जी के सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद्, गंगाषहर द्वारा किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक बीकानेर के जाने-माने गायक मगन जी कोचर और सुनील जी पारख थे। कार्यक्रम की शुरूआत जयदेव सेठिया ने मंगलाचरण के साथ की।
प्रतियोगिता प्रभारी एवं मंच संचालक रोषन बाफना ने बताया कि आचार्य तुलसी पर आधारित गीतों की प्रतियोगिता में स्थानीय गायकों के अलावा पंजाब, हैदराबाद आदि विभिन्न क्षेत्रों से भी आये गायकों ने भाग लिया। आॅडिषन राउण्ड में 10 गायकों का चयन किया गया। इसके द्वितीय व तृतीय चरण के अकंन के पश्चात् प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ, पंचम स्थान क्रमषः मानोज छाजेड़, जयंत सोनावत, धर्मेन्द्र बोथरा, अरिहंत नाहटा, संपत जी पारख ने प्राप्त किया। सहप्रभारी जयदेव सेठिया ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान मुनिश्री विजयकुमार जी, मगन जी कोचर, सुनील पारख, राजेन्द्र बोथरा, जयसिंह बैद, सुनील पारख ने गीतों की प्रस्तुती दी। आगंतुकों व चयनित प्रतिभागियों का सम्मान जैन लूनकरण छाजेड़, हंसराज  डागा, जतन दूगड़, महावीर रांका, जयचन्द लाल जी सेठिया, मनोज सेठिया, मनीष बाफना, अनिल भूरा, विजेन्द्र छाजेड़, सुमित दूगड़, ने मोमेंन्टो भेंटकर किया।
अणुव्रत संकल्प यात्रा गणाधिपति गुरूदेव तुलसी की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में अणुव्रत के प्रचार प्रसार हेतु सम्पूर्ण भारत में चार अणुव्रत रथ 1. लाडनूं 2. कोलकता 3. मुम्बई 4. बैंगलोर से रवाना हुए थे। गंगाषहर में लाडनूं से रवाना हुआ रथ गंगानगर, हनुमानगढ़, झझू, बज्जू, खाजुवाला, नोखा, देषनोक होते हुऐ गंगाषहर पहुंचा। अणुव्रत रथ प्रचार प्रसार हेतू गंगाषहर में गांधी चैक, मालू गेस्ट हाउस, समाधि स्थल, भीनासर, महावीर चैक अनेकों जगह पर गया। 13 फरवरी को अणुव्रत रथ जोधपुर, मारवाड़, मेवाड़, जयपुर व अन्य शहरों में होते हुए हरियाणा, पंजाब, जम्मू, उतराखण्ड, यूपी तथा अन्त में 15 अगस्त के आसपास चारों रथ महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी के सान्निध्य मे दिल्ली पहुंचेंगे। 
 

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