Sunday, 21 July 2019
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शिव के परम भक्त है पण्डित नथमल पुरोहित

पण्डित नथमल पुरोहित के हाथों आज तक हजारों अभिषेक व पूजन हो चुके है

Pandit Nathmal Ji Purohitबीकानेर, गौर वर्ण, सफेद बाल व बढ़ी हुई सफेद दाढ़ी, बुजुर्ग चेहरा और चेहरे पर ओझ व तेज के भाव, आँखों में दया की भावना व शरीर में पावनता ऐसा ही कुछ स्वरूप में परम शिव भक्त पंण्डित नथमल पुरोहित का। पण्डित जी उम्र के आठवें दषक में जी रहे हैं परन्तु आज भी अपने शिष्यों को रूद्राभिशेक, यज्ञ कर्म, वेदी ज्ञान सहित शास्त्रों व कर्मकाण्ड की शिक्षा देते हैं। पण्डित की पाठशाला उनके अपने घर पर ही चलती है। पण्डित जी बताते हैं कि अपने पिता के कहने पर शुरू शुुरू में तो पण्डित कर्म अपने यजमानों के घर जाकर करते थे लेकिन कुछ समय पष्चात् ही मन में कुछ अलग करने का विचार आया और नि:शुल्क शिक्षा दिक्षा देने का कार्य शुरू कर दिया। इस कार्य से शुरू में तो पिताजी को पेरशानी हुई पर मेरी दृढ़ इच्छा देखकर उन्होंने भी हां कर दी। नथमल पुरोहित बताते हैं कि उनके मित्र मगन लाल पुरोहित ने उनके इस कार्य में भरपूर सहयोग किया और धीरे धीरे लोग जुडऩे लगे और प्रतिदिन यज्ञ कर्म व शिक्षा दिक्षा का कार्य चालू कर दिया। पण्डित जी कहते हैं कि आज तक हजारो शिष्य तैयार किए हैं ओर अपने अपने कर्म में आज वे सब लिप्त हैं। अपने काम में एक उमंग व तरंग का अहसास करने के साथ साथ इस कार्य को करके मन को सूकून मिलने की बात कहते हुए नथमल पुरोहित बताते हैं कि वर्तमान समय में लोगों का जुड़ाव इन कार्यों से कम हुआ है परन्तु फिर भी सीखने वालों की कमी नहीं है और जिनको ये कार्य आता है उन्हें खुले दिल से सीखाना चाहिए। पण्डित नथमल पुरोहित के हाथों आज तक हजारों अभिषेक व पूजन हो चुके है और महत्वपूर्ण बात यह है कि अपने इस कार्य के लिए किसी से भी व कभी भी पैसा नहीं लिया। पण्डित जी कहते हैं कि रूपये पैसों में कभी रूचि नहीं रही। भगवान शिव को अपना आराध्य मानने वाले पण्डित के घर में दूध व ट्रांसपोर्ट का अच्छा खासा कारोबार है। भरे पूरे परिवार को भगवान शिव की कृपा मानकर अपने जीवन को जीने वाले पण्डित नथमल पुरोहित ने बताया कि शिवरात्रि पर इस बार भी महानंद महादेव मंदिर में अपने ईष्टजनों व शिष्यों के साथ पूजन करने का मन है। अपने घुटनों के दर्द से पेरशान रहने के कारण बताते हैं कि आने वाले समय में शरीर साथ देगा या नहीं पता नहीं पर घुटनों का दर्द ठीक होना जरूरी है क्योंकि घर में बैठा नहीं जाता ।

 

 

 

 - श्याम नारायण रंगा 
shyamnranga@gmail.com

Pt. Nathmal Purohit, Lord Shiva, Shivratri, shyam narayan ranga,

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