Friday, 13 December 2019
khabarexpress:Local to Global NEWS
  6801 view   Add Comment

यथार्थ गीता पर व्याख्यान माला आयोजित

वेटेनरी ऑडीटेरियम में विश्वगुरू स्वामी अडगडानन्द जी महाराज द्वारा लिखित यथार्थ गीता पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान माला में स्वामी श्री अडगडानन्द जी महाराज के शिष्य श्री गुरू चरणानन्द जी महाराज ने यथार्थ गीता को विश्व की प्रमुख धार्मिक पुस्तक बताते हुए कहा कि संतों के समागम से ही गीता का अर्थ समझ में आता है।

श्री गुरू चरणानन्द जी महाराजबीकानेर, २६ अगस्त। बीकानेर स्थित वेटेनरी ऑडीटेरियम में विश्वगुरू स्वामी अडगडानन्द जी महाराज द्वारा लिखित ’’यथार्थ गीता‘‘ पर व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान माला में स्वामी श्री अडगडानन्द जी महाराज के शिष्य श्री गुरूचरणानन्द जी महाराज ने यथार्थ गीता को विश्व की प्रमुख धार्मिक पुस्तक बताते हुए कहा कि संतों के समागम से ही गीता का अर्थ समझ में आता है। श्री गुरूचरणानन्द जी महाराज ने कहा कि कृष्ण महान योगेश्वर थे व अर्जुन महान जिज्ञासू था। महाराज ने कहा कि मानव का शरीर क्षेत्र है। यथार्थ गीता में यह बताने का प्रयास किया गया है कि मनुष्य अपने मन में इसी उलझन में फंसा रहता है व  उसकी जिज्ञासा समाप्त नहीं होती और यथार्थ गीता मनुष्य की इस उलझन को दूर करती है। स्वामी गुरूचरणानन्द जी महाराज ने गीता के अट्ठारह अध्याय पर विस्तार से व्याख्यान दिया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए नगर परिषद् सभापति मकसूद अहमद ने कहा कि गीता विश्व कल्याण का महान ग्रन्थ है। तथा गीता ने कर्म की शिक्षा दी है। मकसूद अहमद ने प्रसन्नता जताई कि यथार्थ गीता उर्दू सहित विश्व की १८ भाषाओं में लिखी गई है।
समारोह के विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए नगर विकास न्यास बीकानेर के अध्यक्ष श्रीगोपाल अग्रवाल ने कहा कि भगवान कृष्ण व अर्जुन का संवाद गीता विश्व के सभी धर्मो को मार्ग दिखलाती है।
इससे पहले समारोह में परमहंस सद्गुरू अडगडानन्द जी महाराज के चित्र के सामने दीप प्रज्जवलित किया गया व माल्यार्पण किया। आयोजन समिति के नरेन्द्र गहलोत ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया व धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन ज्योति प्रकाश रंगा ने किया।

Share this news

Post your comment