Wednesday, 16 October 2019
khabarexpress:Local to Global NEWS
  3978 view   Add Comment

मानव जीवन लेने से मानवता प्राप्त नहीं

प्रभू ने दूध,दही और माखन को कंस के अनुचरों के पास जाने से रोका

बीकानेर। श्रीमद भागवत कार्यक्रम संचालन समिति के  तत्वावधान में  काशी देवी बिन्नाणी प्रांगण में चल रही  श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के पांचवे दिन मनुष्य और मानवता पर व्याख्यान देते हुए   आचार्य मृदृल कृष्ण  महाराज ने कहा कि मानव योनि में जन्म लेने से मात्र जीव को मानवता प्राप्त नहीं होती। यदि मनुष्य योनि में जन्म लेने के बाद भी उसमें स्वार्थ की भावना भरी हुई है,तो वह मानव होते हुए भी राक्षसी वृत्ति के पायदान पर खड़ा रहता है। यदि व्यक्ति स्वार्थ की भावना को त्याग कर हमेशा परमार्थ भाव से जीवन यापन करें तो निश्चित ही वह एक अच्छा इंसान है। उन्होंने पूतना चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके मोक्ष की कथा सुनाई। माखन चोरी लीला प्रसंग पर विस्तार से कथा सुनाते हुए महाराज श्री ने कहा कि दूध,दही,माखन खाकर कंस के अनुचर बलवान हो अधर्म को बढ़ावा दे रहे थे। इसलिये प्रभू ने दूध,दही और माखन को कंस के अनुचरों के पास जाने से रोका और छोटे छोटे ग्वालबालों को खिलाया। जिससे वे ग्वालबाल बलवान बनें तथा कंस के अनुचरों को परास्त कर सकें। आचार्य श्री ने कहा कि हम जीवन में वस्तुओं से इतना प्रेम करते है और मनुष्यों का उपयोग करते है। ठीक तो यह है कि हम वस्तुओं का उपयोग करें और मनुष्यों से प्रेम करें। इसलिये हमेशा प्रेम की भाषा बोलनी चाहिये जिससे बहरे भी सुन सके तथा गंूगे भी समझ सकते है। कथा के दौरान छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। आयोजन से जुड़े निर्मल दम्माणी ने बताया कि शुक्रवार को रूखमणी विवाह का अयोजन होगा। इस अवसर पर इन्द्र चंद दम्माणी,त्रिलोक चंद मोहता,किशन चंद लाहोटी,रतनलाल तापडिय़ा, अमरसिंह राठौड़, किशन सिंगी, बालकिशन थिरानी,गणेश चांडक़,राजेश दुजारी,रामपाल सारड़ा, मनीष व्यास सहित अनेक जनों ने कथा श्रवा का लाभ उठाया।

 

mridul krishna maharaj Visit Bikaner,

Share this news

Post your comment