Sunday, 15 December 2019
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संगीता अग्रवाल को राष्ट्रीय साफ्टबाल प्रति. में कास्य पदक

आगमन पर विद्यालय के विद्यार्थियो व शाला परिवार ने माल्यार्पण के साथ स्वागत

बीकानेर। बुहरानपुर मध्यप्रदेश में 12 सितम्बर से 17 सितम्बर 13 तक आयोजित 14 वर्षीय 58 वी राष्ठऊीय स्कूली साफटबाल प्रतियोगिता में छात्रा वर्ग में राजस्थान टीम ने कास्य पदक प्राप्त किया है।  रामावि न.5 धरणीधर,बीकानेर के संस्था प्रधान राजेष भार्गव ने बताया कि राजस्थान की टीम स्कूली स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तृतीय स्थान हेतु खेले गये मेैच में पंजाब राज्य को हराकर सफलता प्राप्त की। कास्य पदक प्राप्त करने वाली राजस्थान टीम के सदस्यो में एक मात्र बीकानेर का प्रतिनिधित्व रामावि न.5 धरणीधर उस्ता बारी की नियमित छात्रा खिलाडी संगीता अग्रवाल ने किया।

  आज बीकानेर आगमन पर विद्यालय के विद्यार्थियो व शाला परिवार ने माल्यार्पण के साथ स्वागत किया। स्वागत के साथ ही बस स्टेण्ड से विद्यालय तक रैली के रूप में ले जाया गया। वि़द्यालय के विद्यार्थियो का राजस्थान की इस जीत में वि़द्यालय की छात्रा खिलाडी के सदस्य होने के कारण छात्रो में उत्साह व जोष, जुनुन देखते ही बन रहा था।
रैली के बाद विद्यालय के बाहर खिलाडी छात्रा संगीता अग्रवाल को फुलमालाओ से लाद दिया गया। वही पर मिठाईयॉ वितरित कर अपनी खुषी जाहिर कर रहे थे।
इस अवसर पर धरणीधर मन्दिर में छात्रो को सम्बोध्ेिात करते हुए मुख्य अतिथि भाजपा नेता रामकिषन आचार्य ने कहा कि संकल्प से ही सफलता मिलती है जिसको विद्यालय की छात्रा संगीता अग्रवाल ने चरितार्थ कर दिखाया है। खिलाडियो को आगे बढाने के लिए सरकार को गभ्भीरता से प्रयास करना होगा तभी अच्छे खिलाडी राष्ट्र को मिल सकेंगें।
उन्होने राज्य व जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए दैनिक भत्ते में वृद्वि करने का अनुरोध सरकार से करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्थाएॅ ही इस आर्थिक युग में खिलाडी को आगे बढने से रोक रही है।
  ष्षिक्षक नेता रविे आचार्य ने कहा कि  खिलाडी की ताकत होती है उसके सपने, जिसको साकार करने में सारथी बनता है शारीरिक षिक्षक। इसलिए प्रत्येक वि़द्यालय में एक शारीरिक षिक्षक अवष्य रखे जाने की वकालात की। 
कर्यक्रम अध्यक्ष संस्था प्रधान राजेष भार्गव ने कहा कि  खेल विद्यार्थी को संस्कारषील व धैर्यवान बनाता है वही हमे परिश्रम,धैर्य विष्वास प्रतिस्पर्धा से लडना सिखाता है। उन्होने कहा कि विद्यालय की छात्रा खिलाडी की मेहनत व लगन के कारण ही राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर विद्यालय के साथ बीकानेर जिले को स्थान दिलवाया उसके लिए वह बधाई की पात्र है।
विशिष्ट अतिथि व.अ. छत्रसेन सुथार ने कहा कि खेल ज्ञान एवं कौषलो के प्रषिक्षण तक सीमित न रहकर जीवन के मूल्यो व आदर्षो एवं मान्यताओ से परिचित करवाता हैं। इसी को साकार करते हुए बीकानेर की छात्रा ने अपनी धैर्यता का परिचय देते हुए साफटबाल की दुनिया में बीकानेर की धाक जमाई है।
 विषिष्ट अतिथि सन्तोष व्यास ने कहा कि साफटबाल को आगे बढाने में बीकानेर के कोच बिषन पुरोहित को नही भुलाया जा सकता है उन्ही ही की देन है कि आज बीकानेर व राजस्थान का नाम बडे शान से लिया जा रहा हेै।
वरिष्ठ अध्यापक प्रवीण टॉक ने कहा कि अग्रवाल की खेल के प्रति समर्पित रहने तथा सीखने की लालसा ही उसे आगे ले जाने में सहायक रहीे हैं उससे प्रेरणा लेकर विद्यार्थियो को आगे बढने हेतु प्रोत्साहित किया।
     वरिष्ठ अध्यापक उमाशंकर गौड ने षिक्षा के साथ खेल को महत्व देने का आव्हान विद्यार्थियो से किया।
     कु षिवानी ने कहा कि षिक्षा को पूर्ण करने के लिए ही क्रीडा स्थलो को महत्व दिया गया है खेल जीवन में एकता सहयोग नेतृत्व सहनषीलता जैसे महत्वपूर्ण अंगो को अंकुरित करता है। 
     अनिल कुमार डेमला ने कहा कि खिलाडी को कभी गरूर नही करना चाहिए हमेषा कुछ न कुछ सीखने की लालसा होगी तभी खिलाडी आगे प्रगति कर सकेगा।
     कार्यक्रम का संचालन शारदा सुथार ने किया। तथा आभार सुधा शर्मा ने व्यक्त किया।
                                                        

14 वर्षीय साफ्टबॉल स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता में राजस्थान टीम की खिलाडी सदस्या संगीता अग्रवाल ने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के शारीरिक षिक्षक रवि आचार्य व कोच सुबोध मिश्रा को देते हुए कहा कि इन दोनेा के कठिन परिश्रम तथा मेहनत,प्रोत्साहन के कारण ही वह सफलता के इस षिखर तक पहुॅच पायी है । अग्रवाल ने कहा कि संस्था के पीटीआई सर ने मुझे कदम कदम पर आगे बढने हेतु प्रेरित किया तथा मेरा हर तरह से सहयोग करने में कसर नही रखी जिसका ही परिणाम रहा कि मै अपने राज्य, जिले तथा संस्था के नाम को बनाये रख सकी हॅू। साथ ही साथ विद्यालय के संस्था प्रधान राजेष भार्गव व छत्रसेन सुथार की प्रेरणा व हौसला आफजाइ्र के लिए भी धन्यवाद दिया। उन्होने कहा कि आज भी उनकी तरह अनेकानेक प्रतिभाएॅ भारत में है परन्तु उनको तराषने के लिए किसी के पास समय नही है और यही कारण है कि भारत में प्रतिभाएॅ लुप्त हेा रही हेै। उन्होने विद्यालय के षिक्षक राजेन्द्र व्यास सहित सभी स्टाफ सदस्यो का उसका मार्गदर्षन व रास्ता अपनाने हेतु प्रेरित करने के लिए आभार जताया तथा इस सफलता के लिए मॉ रामादेवी अग्रवाल पिता संजय अग्रवाल के अथक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि उन्होने मुझे कभी किसी कार्य के लिए निराष नही किया। उन्होने बीकानेर में किये गये सम्मान के लिए छात्र छात्राओं का भी आभार जताया।

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