Tuesday, 29 September 2020
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राज्य सरकार खेलों एवं संस्कृत शिक्षा को आगे बढाने के लिये प्रयत्नशील -शिक्षा राज्यमंत्री

जयपुर, २६ अगस्त। शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार स्कूलों में खेल मैदान स्थापित करने और संस्कृत भाषा के बढावे के लिये प्रयत्नशील है। उन्होंने बताया कि चार हजार नये संस्कृत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर चयन के लिये राजस्थान लोक सेवा आयोग को भेज दी ह।

            प्रो. देवनानी रविवार को उदयपुर में निम्बार्क शिक्षक महाविद्यालय में आयोजित संभाग स्तरीय संस्कृत विद्यालयों की प्रवेशिका एवं वरिष्ठोपाध्याय विभागीय खेलकूद प्रतियोगिता के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि पद से बोल रहे थे। 

            उन्होंने कहा कि राजस्थान देश में ऐसा पहला प्रान्त है जह सरकार ने संस्कृत निदेशालय स्थापित कर इस प्राचीन एवं मूल भाषा के महत्व को बनाये रखने का प्रयास किया है।  उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार संस्कृत शिक्षा के लिये सौ करोड रुपये का बजट प्रावधान किया है।

            प्रो.देवननी ने कहा कि आज देश में संस्कारित, समर्पित एवं स्वदेशी भाव के साथ बच्चों को स्वावलंबी बनाने की जरूरत है।  नई पीढी संस्कारित शिक्षा को लगातार भूलती जा रही है जिसमें बालकों के साथ-साथ अभिभावकों एव अध्यापकों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।  उन्होंने कहा कि संस्कृत विद्यार्थी हीनता की भावना को त्याग कर गर्व का अनुभव करें क्योंकि वैदिक संस्कृति ने ही प्रारंभ से विश्व का मार्गदर्शन किया है।

            समारोह की अध्यक्षता करते हुए नगर विकास प्रन्यास के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद श्री शिव किशोर सनाढ्य ने कहा कि यूआईटी ने संकल्प लिया है कि यूआईटी क्षेत्र में आने वाले सभी ६२ गांवों में स्थापित स्कूलों को भवनयुक्त किया जाएगा एवं साथ ही उनमें बाउण्ड्रीवॉल भी निर्मित की जाएगी।  उन्होंने कहा कि यूआईटी खेलों के विकास पर भी बराबर ध्यान दे रही है और उदयपुरवासियों को जल्दी ही अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का खेल मैदान भूवाणा में उपलब्ध कराया जायेगा।

            समारोह में विशिष्ट अतिथि पद से बोलते हुए कोटा खुला विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केन्द्र निदेशक प्रो. अरूण चतुर्वेदी ने कहा कि नई शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना तो बडी संख्या में हो रही है लेकिन उनमें खेल मैदानों का अभाव होता जा रहा है।  उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी छात्रें के जीवन में अमूल्य योगदान होता है इसलिये बच्चों को विद्याध्ययन के साथ खेलों पर भी बराबर ध्यान देने की जरूरत है।

            प्रारंभ में मुख्य अतिथि सहित अतिथियों ने माँ सरस्वती की तस्वीर पर माल्यार्पण किया।  मेवाड मण्डलेश्वर महंत मुरली मनोहर शरण शास्त्री ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उपरना ओढा कर स्वागत किया। 

छात्र-छात्रओं को पुरस्कार वितरण- 
शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. देवनानी ने २२ से २६ अगस्त तक आयोजित खो-खो, कबड्डी, वॉलीबाल, बेडमिन्टन सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।  इस अवसर पर डॉ केसर सिंह ने प्रतियोगिता प्रतिवेदन पढा।  छात्रओं ने संस्कृत में कविता पाठ किया।

प्रो.देवनानी ने किया भारतीय सिन्धु सभा के प्रशिक्षण का उद्घाटन- 
शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने रविवार को प्रातः जवाहर नगर में भारतीय सिन्धु समाज सभा का विधिवत उद्घाटन किया।  इस अवसर पर ज्ञानदेव आहुजा, परमानंद साडकाजी आदि ने सम्बोधित किया।

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