Tuesday, 23 July 2019
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स्वयं को कभी भी हीन नहीं समझें-डॉ.मोहता

विश्व साक्षरता दिवस समारोह आयोजन एवं पुस्तकालय-वाचनालय का शुभारंभ

स्वयं को कभी भी हीन नहीं समझें। हम सबमें कोई न कोई प्रतिभा अंतर्निहित होती है जरूरत केवल उसे निखारने की होती है और अपनी प्रतिभा को निखारने में शिक्षा एक महत्वपूर्ण आधार है।’ ये उद्बोधन बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति के अध्यक्ष प्रख्यात लोककला मर्मज्ञ डॉ. श्रीलाल मोहता ने बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति एवं जन शिक्षण संस्थान, बीकानेर द्वारा 08 सितंबर - विश्व साक्षरता दिवस के उपलक्ष में नोखा तहसील के चरकड़ा गांव के जड़ावबाई झंवर उ.प्रा. विद्यालय में आयोजित साक्षरता और स्वावलंबन कार्यक्रम के अध्यक्षीय उद्बोधन में व्यक्त किए।  उल्लेखनीय है कि बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति द्वारा जड़ाव बाई झंवर उ. प्रा. विद्यालय, चरकड़ा में विद्यार्थियों एवं ग्रामवासियों में पढऩे की आदतों के विकास के लिए एक पुस्तकालय-वाचनालय की स्थापना  की गई।
डॉ.मोहता ने उपस्थित विद्यार्थी समूह को ‘चिडिय़ा और मोती’ की कहानी के माध्यम से बताया कि हम अपने ज्ञान का सही समय एवं सही स्थान पर उपयोग करके बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। साथ ही डॉ.मोहता ने कहा कि पुस्तकालय की पुस्तकें यूं तो जड़ दिखती हैं लेकिन जब हम इन्हें रूचिपूर्वक पढऩे लगते हैं तब ये चेतन रूप में हमसे बातें करने लगती हैं और हमारा ज्ञान बढ़ाने लगती हैं। इसलिए पुस्तकों से दोस्ती करें और पाठ्योत्तर पुस्तकें पढऩे को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।  समारोह की मुख्य अतिथि जन शिक्षण संस्थान की चेयरमैन डॉ. विभा बंसल ने कहा कि हम सभी शिक्षित लोगों की यह नैतिक जिम्मेवारी है कि अपने-अपने परिवार के निरक्षर सदस्यों को साक्षर करने का संकल्प लें और एक लक्ष्य बनाकर तय समय में उन्हें साक्षर करने का मुकाम हासिल करें। शिक्षा ही जीवन में विकास की राह प्रशस्त करती है। स्वयं भी पुस्तकें पढ़ें और युवाशक्ति को पुस्तकें पढऩे के लिए प्रेरित करें। 
इसी क्रम में बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति के मानद सचिव डॉ. ओम कुवेरा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों निरक्षरता प्रतिशत अधिक होते हुए भी लोगों में प्रकृति, पशुधन, मौसम, भूमि, कृषि आदि प्रकार के जीवन से जुड़े विभिन्न आयामों के बारें में बहुत व्यावहारिक ज्ञान समाहित है। यदि इस व्यावहारिक ज्ञान को शिक्षा का साथ मिल जाए तो इस ज्ञान को हम भावी पीढ़ी तक प्रभावी तरीके से पहुंचा सकते हैं - जो जरूरी भी हो गया है। जन शिक्षण संस्थान के वाईस चेयरमैन अविनाश भार्गव ने विश्व साक्षरता दिवस की पृष्ठभूमि एवं राज्य के साक्षरता आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि समाज का सर्वांगीण विकास करना है तो हमें महिला साक्षरता को अधिकाधिक बढ़ावा देना होगा। भार्गव ने कहा कि गांव के सभी लोग इस पुस्तकालय का अधिक से अधिक उपयोग कर अपने ज्ञान में अभिवृद्धि करें। 
भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी भागीरथ ने कहा कि निश्चित ही यह पुस्तकालय गांव के सभी लोगों के बौद्धिक विकास में सहायक बनेगा। कार्यक्रम में आगंतुकों का स्वागत करते हुए जड़ाव बाई झंवर मा. विद्यालय, चरकड़ा के प्रधानाध्यापक किशनाराम लिखाला एवं निदेशक हुनमान रांकावत ने विश्व साक्षरता दिवस पर गांव में निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का आह्वान किया और विद्यार्थियों के साथ एक-एक निरक्षर व्यक्ति को साक्षर बनाने का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के उत्साहवद्र्धन के लिए कार्यक्रम के प्रथम सत्र में  विद्यार्थियों के लिए साक्षरता चेतना पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। सभी संभागियों द्वारा रंग-बिरंगी चित्रकारी से  साक्षरता चेतना का संदेश दिया गया। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर अशोक पंचारिया, द्वितीय स्थान अशोक सुथार तृतीय स्थान प्रिया शर्मा और सांत्वना पुरष्कार सुमन कंवर ने प्राप्त किया। सभी विजेताओं को मंच की ओर से प्रतीक चिह्न देकर उनका उत्साहवद्र्धन किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन संस्थान के सहायक कार्यक्रम अधिकारी महेश उपाध्याय ने किया।
इस अवसर पर  विद्यार्थी समूह द्वारा ‘महाराज गजानन आवौ नही...और बेटी हॅंू मैं बेटीकृ और साक्षरता री उड़ै रे गुलाल... आदि गीतों की मोहक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
इस कार्यक्रम में राजकीय मा.विद्यालय, चरकड़ा कार्यक्रम के अंत में बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति के संयुक्त सचिव भवानी सोलंकी ने आगंतुकों के प्रति धन्यावाद उद्गार व्यक्त करते हुए कम्प्यूटर साक्षरता की जरूरत पर बल दिया ।
 

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