Wednesday, 13 December 2017

साप्ताहिक एकल काव्य पाठ हुआ आयोजित

96 वीं कडी तीन महान विभूतियों को किया याद

बीकानेर, बीकानेर पर्यटन लेखक संघ और महफिले अदब की तरफ से साप्ताहिक एकल काव्य पाठ की 96 वीं कडी के तहत नगर की तीन महान विभुतियों का स्मरण किया गया ! ग़ंगाशहर रोड स्थित होटल मरुधर हेरीटेज  के विनायक सभागार में हुए इस कार्यक्रम में स्व. महबूब अली,स्व.मूलचन्द पारीक एवं स्व.रामचन्द्र चावला को श्रृद्धा सुमन अर्पित किए !साप्ताहिक एकल काव्य पाठ के तहत अंतिम रविवार को किसी न किसी दिवंगत विभूति को याद किया जाता है ! इसी के तहत आज का ये कार्यक्रम था !

अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता उपध्यानचन्द्र कोचर नें कहा कि तीनों ही विभूतियों से मेरे व्यक्तिगत सम्बन्ध थे ! तीनों ही अपनी धुन के पक्के एवं कर्मशील थे ! कोचर नें महबूब अली की सदाशयता को याद किया ! कवि कथाकार राजाराम स्वर्णकार नें मनोहर चावला के लिखे आलेख”हर दिल अजीज थे रामचन्द्र चावला” का वाचन किया ! स्वर्णकार नें चावलाजी के बारे में कहा रामचन्द्रजी निष्ठावान एवं कार्य के प्रति समर्पित व्यक्तित्व थे ,उन्होनें जीवन में कई उतार चढाव देखे संकट की घडी में बडे धेर्य से काम करते थे वैसे ही गुण आज हम मनोहर चावलाजी में देख रहे हैं !संचालन करते हुए राज.उर्दू अकादमी के पूर्व सदस्य असद अली”असद”नें महबूब अली के बारे में बोलते हुए कहा कि उर्दू अकादमी,इन्दिरा गान्धी नहर का पानी ,शोभासर में लिफ्ट प्लांट और हुसनसर लिफ्ट आदि का आना उनके ही व्यक्तिगत प्रयासों से संभव हो सका ! बाबूलाल छंगाणी नें”कैसे भुलाये जा सकेंगे मूलचन्द पारीक”विषयक आलेख का वाचन किया !कार्यक्रम में गोविन्दनारायण राजपुरोहित,प्रो.ब्रह्माराम चौधरी,देवीलाल जोशी,वरिष्ठ रंगकर्मी बी.एल.नवीन,मोहन वैष्णव,चित्रकार मुरलीमनोहर के.माथुर,जब्बार बीकाणवी सहित कई गणमान्य उपस्थित थे ! आभार मुरलीमनोहर के.माथुर नें ज्ञापित किया !

 

Bikaner Paryatan Lekhak Sangh   Mahifle-e-Adab   U C Kochar   Hotel Marudhar Heritage