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06 July 2008
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27
Feb
कौन था नास्त्रेदमस? 
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बहुत कम लोग जानते होंगे कि नास्त्रेदमस केवल भविष्यवक्ता ही नही, डॉक्टर और शिक्षक भी थे। भविष्य के गर्भ मे छिपी बातों को हजारों साल पहले घोषणा करने वाले मशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस का जन्म १४ दिसंबर १५०३ को फ्रांस के एक छोटे से गांव सेंट रेमी मे हुआ। उनका नाम मिशेल दि नास्त्रेदमस था बचपन से ही उनकी अध्ययन मे खास दिलचस्पि रही और उन्होनें लैटिन, यूनानी और हीब्रू भाषाओं के अलावा गणित, शरीर विज्ञान एवं ज्योतिष शास्त्र जैसे गूढ विषयों पर विशेष महारत हासिल कर ली।
नास्त्रेदमस ने किशोरावस्था से ही भविष्यवाणियां करना शुरू कर दी थी। ज्योतिष मे उनकी बढती दिलचस्पी ने माता-पिता को चिंता मे डाल दिया क्योंकि उस समय कट्टरपंथी ईसाई इस विद्या को अच्छी नजर से नही देखते थे। ज्योतिष से उनका ध्यान हटाने के लिए उन्हे चिकित्सा विज्ञान पढने मांट पेलियर भेज दिया गया जिसके बाद तीन वर्ष की पढाई पूरी कर नास्त्रेदमस चिकित्सक बन गए।

२३ अक्टूबर १५२९ को उन्होने मांट पोलियर से ही डॉक्टरेट की उपाधि ली और उसी विश्वविद्यालय मे शिक्षक बन गए। पहली पत्नी के देहांत के बाद १५४७ मे यूरोप जाकर उन्होने ऐन से दूसरी शादी कर ली। इस दौरान उन्होनें भविष्यवक्ता के रूप मे खास नाम कमाया। एक घटना तो ऐसी थी जिससे पूरे यूरोप महाद्वीप मे फैल गई। एक बार वह अपने मित्र के साथ इटली की सडकों पर टहल रहे थे, उन्होनें भीड में एक युवक को देखा और जब वह युवक पास आया तो उसे आदर से सिर झुकाकर नमस्कार किया। मित्र ने आश्चर्यचकित होते हुए इसका कारण पुछा तो उन्होने कहा कि यह व्यक्ति आगे जाकर पोप का आसन ग्रहण करेगा। वास्तव मे वह व्यक्ति फेलिस पेरेती था जिसने १५८५ मे पोप चुना गया।

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां की ख्याति सुन फ्रांस की महारानी कैथरीन ने अपने बच्चों का भविष्य जानने की इच्छा जाहिर की। नास्त्रेदमस अपनी इच्छा से यह जान चुके थे कि महारानी के दोनो बच्चे अल्पायु मे ही पुरे हो जाएंगे, लेकिन सच कहने की हिम्मत नही हो पायी और उन्होने अपनी बात को प्रतीकात्मक छंदो मे पेश किया। इसक प्रकार वह अपनी बात भी कह गए और महारानी के मन को कोई चोट भी नहीं पहुंची। तभी से नास्त्रेदमस ने यह तय कर लिया कि वे अपनी भविष्यवाणीयां को इसी तरह छंदो मे ही व्यक्त करेंगें।

१५५० के बाद नास्त्रेदमस ने चिकित्सक के पेशे को छोड अपना पूरा ध्यान ज्योतिष विद्या की साधना पर लगा दिया। उसी साल से अन्होंने अपना वार्षिक पंचाग भी निकालना शुरू कर दिया। उसमें ग्रहों की स्थिति, मौसम और फसलों आदि के बारे मे पूर्वानुमान होते थे। उनमें से ज्यादातर सत्य सावित हुई। नास्त्रेदमस ज्योतिष के साथ ही जादू से जुडी किताबों मे घंटो डूबे रहते थे। नास्त्रेदमस ने १५५५ में भविष्यवाणियों से संबंधित अपने पहले ग्रंथ सेंचुरी के प्रथम भाग का लेखन पूरा किया, जो सबसे पहले फ्रेंच और बाद मे अंग्रेजी, जर्मन, इतालवी, रोमन, ग्रीक भाषाओं मे प्रकाशित हुआ। इस पुस्तक ने फ्रांस मे इतना तहलका मचाया कि यह उस समय महंगी होने के बाद भी हाथों-हाथ विक गई। इस किताब के कई छंदो मे प्रथम विश्व युद्ध, नेपोलियन, हिटलर और कैनेडी आदि से संबंद्ध घटनाएं स्पष्ट रूप से देची जा सकती है।व्याख्याकारों ने नास्त्रेदमस के अनेक छंदो मे तीसरे विश्वयुद्ध का पूर्वानुमान और दुनिया के विनाश के संकेत को भी समझ लेने मे सफलता प्राप्त कर ली।

नास्त्रेदमस के जीवन के अंतिम साल बहुत कष्ट से गुजरे। फ्रांस का न्याय विभाग उनके विरूद्ध यह जांच कर रहा था कि क्या वह वास्ताव में जादू-टोने का सहारा लेते थे। यदि यह आरोप सिद्ध हो जाता, तो वे दंड के अधिकारी हो जाते। लेकिन जांच का निष्कर्ष यह निकला कि वेकोई जादूगर नही बल्कि ज्योतिष विद्या में पारंगत है। उन्हीं दिनों जलोदर रोग से ग्रस्त हो गए। शरीर मे एक फोडा हो गया जो लाख उपाचार के बाद भी ठीक नही हो पाया। उन्हे अपनी मृत्यु का पूर्वाभास हो गया था, इसलिए उन्होने १७ जून १५६६ को अपनी वसीयत तैयार करवाई। एक जुलाई को पादरी को बुलाकर अपने अंतिम संस्कार के निर्देश दिए। २ जूलाई १५६६ को इस महान भविष्यवक्ता का निधन हो गया। अपनी मृत्यु की तिथि और समय की भविष्यवाणी वे पहले ही कर चूके थे।

नास्त्रेदमस ने अपने संबंध मे जो कुछ गिनी-चुनी भविष्यवाणियां की थी, उनमें से एक यह भी थी कि उनकी मौत के २२५ साल बाद कुद समाजविरोधी तत्व उनकी कब्र खोदेंगे और उनके अवशेषों को निकालने का प्रयास करेंगे लेकिन तुरंत ही उनकी मौत हो जाएगी। वास्तव मे ऐसी ही हुआ। फ्रांसिसी क्रांति के बाद १७९१ में तीन लोगों ने नास्त्रेदमस की कब्र को खोदा, जिनकी तुरंत मौत हो गयी।




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yes,it is a good article, sanjay (04/03/2008 19:21:11)
Its really providing a perspective. Great......., Nidhi (06/03/2008 10:18:14)
gooooooood, aman (04/04/2008 23:41:36)
gud, sanjay (08/04/2008 12:31:21)
yes its really nice to find such information abt nastredamas, krish (03/05/2008 21:28:07)
This was a very informative article which helped me to know certain unknown things, Nalin  (13/05/2008 16:04:20)
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at kumar_pankaj81@yahoo.co.in, Pankaj kumar (27/06/2008 15:42:28)
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