Friday, 30 July 2021

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विश्वविद्यालय लोक संस्कृति के संवाहक बनें: प्रो. लोकेश कुमार शेखावत


प्रो. लोकेशसिंह जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति है।
समन्वय और संतुलन सफल व्यक्तित्व की निजी पहचान होती है। जिन व्यक्तियों के चरित्र में समन्वय और संतुलन का सामन्जस्य श्रेष्ठ होता है वे ही उच्च से उच्चतम जीवन दृष्टि और विकास के पर्याय बन जाते है । सफल व्यक्तियों के व्यक्तित्व में सफलता के रहस्य छुपे होते हैं - विचार और संवेदना का विलियन।
प्रो. लोकेश कुमार सिंह प्रदेश के प्रतिनिधि शिक्षा प्रतिष्ठान जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति पद पर आसीन है। अगर उनका परिचय न दिया जाय और सामान्य व्यवहार मे उनसे मिला जाय तो आपको सुखद आश्वर्य होगा कि अपने पद व रसूख को लेकर उनमें किंचित भी अभिमान का भाव नहीं है वे सरल, निश्छल और सहज इंसान है।
पिछले दिनों साहित्य अकादमी के जैसलमेर मे सम्पन्न हुए राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में वे जैसलमेर थे। खबरएक्सप्रेस के संपादक भी उसी सेमीनार में शिरकत कर रहे थे। पेश है खबरएक्सप्रेस के एडीटर के साथ हुई बातचीत के मुख्य किंतु संपादित अंश -
प्रश्न १. राजस्थानी भाषा के लिए जोधपुर विश्वविद्यालय क्या कर रहा है?
उतर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों एवे लेखकों को इस कार्य हेतु बढावा देने की कोशिशों को तेज कर रहा है ताकि मायड भाषा को उसका मान मिल सके।
प्रश्न. २ लोक संस्कृति के उन्नयन के लिए आप क्या कर रहे हैं ?
उतर. देखिए, जो योजनाएँ पूर्व से ही विश्वविद्यालय में चल रही है । वे तो जारी है ही साथ ही हमने सिंडीकेट में एक प्रस्ताव पारित किया है कि संस्कृति, परम्परा और  लोक साहित्य पर अधिकारिक शोध हो लोक देवता, पाबूजी, रामदेवजी, गोगाजी, तेजाजी, आदि पर भी शोध अध्ययन हो। इसके लिए हमने लोक संस्कृति पीठ कायम करने की योजना बनाई है उस पर क्रियान्वयन हो रहा है।
प्रश्न ३. राजस्थानी के श्रेष्ठ साहित्य को व्यापक हिन्दी साहित्य परिदृश्य में स्थापित करने के क्रम में क्या विश्वविद्यालय के पास अनुवाद आदि करवाने की योजना है ?
उतर  हाल फिलहाल तो ऐसी योजना नहीं है पर आगे उस पर विचार किया जा सकता है। ये सुझाव अपने बहुत अच्छा दिया है। हम इस पर राजस्थानी हिन्दी ग्रन्थ अकदमी के साथ मिलकर काम कर सकते है।
प्रश्न ४. बहुत बार देखा गया है कि विषय व रूढ नियम प्रतिभाशाली व्यक्ति के श्रेष्ठ शिक्षक होने या अध्ययन की ओर उन्मुख होने मे बाधा बनते हैं। इस पर आफ क्या विचार हैं?
उतर. हम अन्तर अनुशासनात्मक अध्ययन अध्यापन की ओर बढ रहे हैं। इससे संबंधित जो सक्षम बॉडी है उससे बातचीत चल रही है।
प्रश्न ५. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के सुनहरे भविष्य के लिए आफ पास क्या योजनाएँ हैं
 उतर. सबसे पहले तो विश्वविद्यालयों को पूर्ण स्वायतता मिले । इसके लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रहे हैं। एम ओ यू अलग अलग विश्वविद्यालयों के अपने अपने है। अतः जिनके एम ओ यू में जो शर्त अडचन पैदा कर रही है। उन्हें निपटाने के लिए सरकार ने शासन सचिव स्तर के अधिकारी को लगा भी दिया है। शीघ्र ही शुभ परिणाम प्राप्त होंगे। सरकार ने तीन कुलपतियों की एक कमेटी भी बनाई है। जिसमें मेरे अलावा राजस्थान विश्वविद्यालय, जोधपुर, सुखाडिया विश्वविद्यालय उदयपुर के वी.सी.भी सदस्य हैं, सभी मिलकर कैरियर एडवान्समेंट स्कीम को लागू करने की कार्यवाही को तेज कर रहे है। ब्लोग्रांट जो १९८३ में थी वही आज हैं। उसे बढाने के प्रयास कर रहे है। सी.एस. की मंजूरी राज्य सरकार से मिल गई है। खाली पडे पदों  को भरने की कवायद भी कर रहे है। शिक्षकों के पद स्थाई करने में भी जुटे हैं। कुछ आवश्यक संसाधन जो मानदण्डों के अनुकुल पूर्ण नहीं है उन्हें भी पूरा करने में लगे है।
प्रश्न ६. खबरएक्सप्रेस के जरिये आपका सन्देश देना चाहेंगे?
उतर. ब्रेन डेन को रोका जाय।। राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से काम करने हूस पैदा की जाय। आई. टी. उद्योग में संभावनाएँ अपार है। उनका लाभ पूरा समाज  ले। भारत में प्रतिभाओं को उनके अनूकुल वातावरण मिले इन्हीं प्रयासों से हम सब मिलकर लगे तभी राष्ट्र प्रगति की ओर बढेगा।