Friday, 30 July 2021

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सफलता के लिए राहे कठिन और सबसे अलग हो - भारत रंगा


भारत ZEE Entertaintment Pvt. Ltd. Bussiness Head  है।
जब जी चैनल पर स्टार प्लस के केबीसी की सफलता की धुंध के बादल मंडराने शुरू ही हुए थे तो जी के प्रमुख सुभाष चन्द्रा ने उस घटाटोप को छितराने के लिए एक नौजवान, समर्पित, और कर्मनिष्ठ बिजनैस हैड के हाथों जी को रेटिंग में आगे लाने की कमान कम संसाधनों के साथ  और जबरदस्त प्रतिस्पर्धी माहौल में सौंपी। उस कर्मठ कार्यकर्त्ता ने कम्पनी के प्रमुख से लेकर अंतिम आदमी के विश्वास को जीता और अपनी नायाब कार्यशैली के दम पर जी की रेटिंग और टर्न ओवर में बेतहाशा वृद्धि की । कम समय, अथक श्रम और उचित धन को मूल मंत्र को धारणा व ध्यान के साथ जीवन व्यवहार में ढालकर चैनल संसार के सफल एवं प्रभावशाली बिजनेस हैड के रूप में इस शख्स ने बहुत कम समय में बुलंदियों  का नया इतिहास रचा जो अपने आप में न केवल काबिले तारीफ है वरन् युवावर्ग के लिए एक रोल मॉडल की भूमिका का निर्वहन भी कर रहा है। वरिष्ठ प्रकाशक दिनेश रंगा का यह पुत्र सत्य और गांधी को अपना आदर्श बनाकर काम के सागर में मग्न रहने वाला यह युवा मीडिया बिजनेस सेक्टर में अपनी न्यारी निराली पहचान रखता है। इस होनहार युवा का नाम भारत रंगा है। ये आजकल जी इन्टरटेन्टमेंट प्रा. लि. के कार्यकारी उपाध्यक्ष (व्यापार) है। India.Television.com  आई. टी. ए जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों लगातार पुरस्कृत होने वाले भारत 1989 बैच के एम. बी. ए. है। भारत ने जीवन पथ पर अपनी सफलता के परचम फहराने की शुरूआत पोलर से की जो टाईम्स ऑफ इंडिया, लिटवेयर, उषा, से होती हुई स्वतंत्र रूप से दूरदर्शन के लिए अभिनय एवं मार्केटिंग से तक आती  है। आज मीडिया जगत के एक शीर्ष चैनल के सर्वोच्च पद तक जारी है। भारत मानते है कि जीवन में रास्ते अलग और कठिन होना जरूरी है। विषम को सम में या कह लें 2% को 100% में बदलना ही जीवन सौन्दर्य की अभिवृद्धि  का सूचकांक है। इन दिनों भारत अमेरिका की यात्रा पर है। भारत अब तक यूके, फ्रारस  दुबई, थाईलैण्ड, मलेशिया आदि देशों  की यात्रा कर चुके है। पिछले दिनों भारत अपने पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बीकानेर में थे। पेश है खबरएक्सप्रेस के एडीटर के साथ हुई उनकी लम्बी बातचीत

के मुख्य किंतु संपादित अंश-


प्र.१. इस व्यवसायिक एवं घोर प्रतिस्पर्द्धी माहौल में जी चैनल की सफलता में आपका बडा अवदान मान जाता है। ऐसा आपको मिले पुरष्कार भी बताते हैं। इस सफलता के रहस्य के बारे में कुछ बताना चाहेंगे ?
उतर. देखिए, मानवीय संसाधनों और शक्ति का सही प्रबंधन और उपयोग होना किसी सफलता के लिए पहली और महत्वपूर्ण शर्त है। फिर आपकों अपने साथियों के विजन में भी परिवर्तन लाना होता है। नये क्षेत्रों में नये विजेता गढने होते है। मैं कुछ कुछ ऐसा करते हुए कंपनी के सामूहिक हक में आगे बढ रहा हूं।
प्र.२. आप पर जी के लगभग सभी चैनल्स की बिजनैस प्रोग्रेस के लिए अनेकानेक दबाव (बाहरी और भीतरी) आते रहते है। आप उन दबावों का सामना किस तरह से करते है ?
उतर. अभी तक तो जीवन में 15% से 20% तक ही आगे बढ पाए हैं। अभी तो बहुत आगे जाना है। अगर ऐसे दबावों से जूझने को  अपनी तरह की रणनीति नहीं होगी तो आगे की राहे आसान नहीं। फिर दादाजी ब्रजरतन रंगा और उमेश आचार्य की प्रेरणाओं के साथ में अपने आत्मविश्वास से निर्णय लेता हूँ।
प्र.३. इस पद पर काम करते हुए आपको कैसा लग रहा है?
उतर. अच्छा लग रहा है। मंजिल अभी दूर है राह कठिन भी है। पर पहुँचने की जिदृद भी जारी है।
प्र.४. आपका आगामी लक्ष्य क्या रहेगा ?
उतर. किसी ग्लोबर मीडिया कम्पनी का सीईओ बनूं । भारतीयसे वैश्विक बाजार व्यवस्था तक की मेरी अनुभव यात्रा का विस्तार हो।
प्र.५. शहर (बीकानेर) चरित्र को अब आप किस रूप में देखते हैं?
उतर. शहर चरित्र में परिवर्तन लक्षित हो रहे है। लोग नये क्षेत्रों में नये सपने देख रहे हैं। मानसिकता में परिवर्तन आ रहा है। शिक्षा के प्रति जागृति का भाव विस्तारित हुआ है। सबसे अहम है यहाँ की मूल्य व्यवस्था जो आज भी कायम है। इसे और मजबूत बनाने की जरूरत है
प्र.६. शहर (बीकानेर) के लिए आप क्या करना चाहते हैं ?
उतर. अब संसाधनो की आवश्यकता ज्यादा है ज्ञान की कम। लेकिन मुश्किल यह है कि रास्ता अभी दिखाई नहीं दे रहा है। लेकिन में अब ज्यादा विलम्ब भी नहीं करूंगा। जो भी बना जैसे भी बनेगा मैं अवश्य ही कुछ करने की भरपूर कोशिश करूंगा।