Saturday, 16 October 2021

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दो दिवसीय 37 वाँ कुलपति सम्मेलन 27

वेटरनरी विश्वविद्यालय द्वारा जयपुर में लघु किसानों के लिए कृषि को अधिक लाभकारी कैसे बनाये विषय सम्मेलन 27 व 28 दिसम्बर को

वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर द्वारा भारतीय कृषि विश्वविद्यालय एसोसिएशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में लघु किसानों के लिए कृषि को लाभकारी बनाने के विषय पर 37 वाँ कुलपति सम्मेलन जयपुर में अर्न्तराष्ट्रीय बागवानी नवाचार एवं प्रशिक्षण केन्द्र, दुर्गापुरा, जयपुर के सभागार में 27 व 28 दिसम्बर 2012 को आयोजित किया जा रहा है। दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन समारोह 27 दिसम्बर को सुबह 10 बजे होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि हरजीराम बुरडक, माननीय मंत्री कृषि, पषुपालन एवं डेयरी, विषिश्ट अतिथि डॉ. अरविन्द कुमार, उपमहानिदेषक (षिक्षा), भारतीय कृशि अनुसंधान परिशद एवं मुकेष षर्मा, प्रमुख षासन सचिव, पषुपालन, राजस्थान सरकार होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. ए.के. गहलोत, कुलपति, वेटरनरी विश्वविद्यालय करेगें। 
वेटरनरी विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति प्रो. ए.के. गहलोत ने आज आयोजित प्रेस कान्फ्रेस में बताया कि भारत में लगभग 100 लाख जोते लघु कृशक जोत की श्रेणी में है। विष्व के विभिन्न कृशि संगठनों जैसे भारतीय कृषि विश्वविद्यालय एसोसिएशन, भारतीय कृशि अनुसंधान परिशद, विष्व बैंक इत्यादि ने उम्मीद जताई है कि सन् 2050 तक इनकी संख्या में और अधिक वृद्धि होगी, जिससे भारत जैसे देष में कृशि का प्रमुख आधार लघु कृशक ही होंगे। वर्तमान में चीन के बाद भारत में सबसे अधिक लघु कृशक जोते है तथा कृशि वैज्ञानिको का मानना है कि यदि लघु जोत की कृशि को अधिक उपादेय नहीं बनाया तो कृशक गैर-कृशि कार्यो की और निश्कृमित हो सकते है। कुलपति प्रो. गहलोत ने बताया कि वेटरनरी विष्वविद्यालय, बीकानेर की स्थापना सिर्फ 2.5 वर्श पूर्व हुई है, विष्वविद्यालय के लिये इस सम्मेलन का आयोजन करना एक बडी उपलब्धि है। कुलपति ने बताया कि इस आयोजन से देष के विभिन्न राज्यों के कुलपतियो को राज्य में कृशि, पषुपालन, बागवानी, डेयरी व मछली पालन में की जा रही प्रगति से अवगत करवाया जा सकेगा, साथ ही जयपुर में आयोजित होने के कारण राजस्थानी कला व संस्कृति की झलक भी कुलपतियों को मिल सकेंगी।
कुलपति ने कार्यक्रम कि विस्तृत रूपरेखा में बताया कि दो दिनों के इस राष्ट्रीय सम्मेलन को चार तकनीकी एवं एक विशेष सत्र में आयोजित किया जायेगा। इस सम्मेलन में देश के 45 कृषि एवं वेटरनरी विश्वविद्यालय के कुलपति, आईसीएआर के डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलपति, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के महानिदेशक, उपमहानिदेशक, डीन-डायरेक्टर शामिल होंगे।
भारतीय कृषि विश्वविद्यालय एसोसिएशन के सचिव डॉ. आर.पी. सिंह ने बताया  कि इस एसोसिएषन में कृशि, पषुपालन, बागवानी, वन, मछली इत्यादि कृशि विज्ञान के सभी विष्वविद्यालय सदस्य है। राज्य कृशि विष्वविद्यालयों के अलावा केन्द्रीय कृशि विष्वविद्यालय एवं डीम्ड विष्वविद्यालय भी इस एसोसिएषन के सदस्य है। वर्तमान में देष के 55 विष्वविद्यालयो ने भारतीय कृषि विश्वविद्यालय एसोसिएशन की सदस्यता ग्रहण की हुई है। डॉ. सिंह ने बताया कि जयपुर म आयोजित होने वाले इस कुलपति सम्मेलन में लगभग 35-40 विष्वविद्यालयो का प्रतिनिधित्व कुलपतियो या उनके मनोनित सदस्य द्वारा किया जायेगा।

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