Monday, 12 April 2021

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उल्लास और उमंग से मनाया रंगो का पर्व होली

रंगों से खिले चेहरें, विभिन्न समाजों की निकली गैर

 

बीकानरे, रंगो का पर्व होल बीकानेर मे उल्लास, उंमम, प्रेम एवं भाईचारे के साथ मनाया गया। धर्मों, जातियों व सम्प्रदायों की सीमाओं से उठकर मरूनगरी वासियों ने एक दूसरे के गुलाल-रंग लगाकर शुभकामनाऐं दी। पूरा शहर रंगो से सरोबार रहा। चारों और विभिन्न रंगो से सरोबार रहा। चारों और विभिन्न रंगो से रंगे व खिले चेहरों के साथ धुलण्डी की मौज, मस्ती व खुशियां रही। शहर के अन्दरूनी क्षेत्रों बारह गुवाड चौक, नत्थुसर गेट, साले की होली, दम्माणी चौक, बिस्सों का चौक, बिन्नाणी चौक, चौथाणी ओझा चौक, लखोटियों चौक, मोहता चौक, आचार्य चौक, भट्ठडों का चौक हर्षों का चौक, कीकाणी -लालाणी व्यासों का चौक, रत्ताणी व्यास चौक मे अल सुबह से देर रात्रि तक होली की मस्ती व उमंग रही। इन क्षेत्रों मे विभिन्न जातियों व समाजों की ओर निकलने के साथ हर कोई होली की मस्ती व रंगो से सरोबार रहा। होली के अवसर शहर के अन्दरूनी क्षेत्रों के साथ परकोटे के बाहरी क्षेत्रों में भी होली की मस्ती परवान पर रही। सोनारो की गुवाड, सुथारों की गुवाड, रामपुरा, लालगढ, सर्वोदय बस्ती, जेएनवी कॉलोनी, पवनपूरी, शास्त्री नगर, गंगाशहर, भीनासर आदि क्षेत्रों में भी होली उमंग-उल्लास के साथ मनाई गई।

विभिन्न जातियों की निकली गेर
होली के अवसर पर दशकों पुरानी परम्परा के अनुसार विभिन्न समाजों व जातियों की गेर निकली जो तय हदबंदी तक विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः रवाना स्थल पर पंहुचकर सम्पन्न हुई। बारह गुवाड चौक से पुजारी बाबा के नेत्तृत्व मे तीन गेर का संचालन किया गया, जिनमे पुष्करणा समाज की विभिन्न जातियों के पुरूष बडी संख्यां मे शामिल हुए। पहली गेर जो सुबह निकली वह बारह गुवाड से साले की होली, दम्माणी चौक, बिस्सों का चौक, बिन्नाणी चौक, लखोटियां चौक, मोहता चौक, चौधरी गली, भट्ठडों का चौक, छंगाणी मौहल्ला होती हुई बारह गुवाड पंहुची। दूसरी गेर बारह गुवाड से नत्थुसर गेट, नत्थानी सराय होते हुए बारह गुवाड पंहुची। तीसरी गेर बारह गुवाड से किराडू गली दम्माणी चौक, बिस्सा चौक, कल्ला गली, कीकाणी व्यास चौक, हर्षों का चौक, राजरंगा गली, सुरदासाणी मौहल्ला होते हुए बारह गुवाड पहुंचकर सम्मन्न हुई। इन गेर मे पारम्परिक गीतों का गायन किया गया। इन गेर मे पुष्करणा समाज की ओझा, छंगाणी, रंगा, पुरोहित, जोशी, व्यास, किराडू, बिस्सा, कलवाणी उपाध्याय, चूरा, आचार्य आदि जातियों के बच्चों से बूढे तक शामिल हुए। लालणी - कीकाणी व्यासों की गेर होली के अवसर पर परम्परानुसार निकाली गई। विभिन्न मार्गो से होती हुई ये गेर हर्षो के चौक पंहुची। वहीं मोहता, सुराणा, सेवग सहित विभिन्न समाजों व जातियों की भी गेर निकाली गई।

पारम्परिक रूप से काटी तणी
होली के अवसर पर दशर्को पुरानी परम्परा के अनुसार नत्थुसर गेट पर तणी काटने की परम्परा का निर्वहन किया गया। परम्परा के क्रम मे पुष्करणा समाजन की किराडू जाति के पुरूषों के कंधों पर चढकर जोशी जाति के पुरूष ने मूंझ से बनी तणी कटने के स्थल पर शहरभर से आऐं हजारों लोग उपस्थित थे। जैसे ही जोशी जाति के पुरूष नवनीत जोशी तणी काटी, उपस्थित हजारों नगरवासियों ने हवा मे गुलाल उछालकर प्रसन्नता व्यक्त की। रंगो से आकाश सतरंगी छटाओं से भर गया व कुछ समय तक चारों और गुलाल का गुब्बारा ही नजर आता रहा। आयोजन समिति के राधेश्याम व्यास ने बताया कि समाज के समरसता के प्रतीक इस आयोजन मे नवनीत जोशी को कंधा गोपाल किराडू ने दिया वही तिलक आर के सूरदासाणी ने किया। तणी बांधने, बनाने व व्यवस्थाओं मे अशोक छंगाणी, पप्पी ओझा, मदनगोपाल पुरोहित, राजकूमार ओझा, बिट्ठल पुरोहित, भंवरलाल ओझा ने सक्रिय सहयोग किया। नयाशहर थाना प्रभारी धर्म पुनिया मय पुलिस जाब्ते के यहां तैनात रहे। इससे पूर्व पूजारी बाबा के नेत्तृत्व मे यहां गेर पंहुची।

कहीं डीजे पर नृत्य, कहीं भांग की तरी
होली की मौज-मस्ती मे डुबे शहर वासियों ने होली की आन्नद जमकर लिया। होली के अवसर पर जहां बच्चों व युवाओं की टोलियां होली गीतों के लिए निकाले गये डीजे पर बजते गीतों की मस्ती मे झूमते रहे वहीं शिव प्रिया गटकाऐं शिव भक्त भी होली के रंगों के साथ साथ भांग की तरी मे नाचते, गाते व अजीब हास्यास्पद हरकते करते रहें।

रंग, पानी से किया अभिषेक
होली की मस्ती मे मस्त युवाओं व बच्चों की टोलियां ने रंग लगाने व लगवाने का जमकर लुल्फ लिया। जानकार के मिलते ही उसको आराम से बिठाकर रंग व पानी के साथ रंगने की सिलसिला शुरू करते। रंगने के दौरान पेट, पीठ, हाथ, मुंह का कोई हिस्सा रंगने से वंचित न रह जाऐ वे इसका विशेष ख्याल रखते। रंगने के दौरान फव्वारे से निकलती लगातार पानी की धार रंगने के अभिषेक मे दोनो पक्ष तल्लीनता से आनन्द लेते रहें।

विचित्र वेशभूषा व अजीब हरकतें
होली की मस्ती मे डूबे शहरवासी एक एक पल का जमकर आनन्द लेने से नही चूक रहे थे। फटे वस्त्र, घास-फूस से ढका शरीर, मुंह मे बच्चों की शहद वाली निप्पल, भिखारी रूप, सफाई कर्मचारी, स्त्री वेशभूषा के साथ विभिन्न रूप धारण कर अपने हाव भाव व हरकतों से हर किसी को हंसाते मुस्कुराते रहे।

जनप्रतिनिधियों व अधिकारों ने मनाई होली 
बीकानेर, होली के मौज-मस्ती व तरंग में डूबे शहरवासियों के साथ जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने भी होली मनाई राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ बी डी कल्ला, गृहराज्य मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष जनार्दन कल्ला आदी ने अपने निवास पर पंहुचे लोगो के साथ होली मनाई व मिठाई बांटी बिस्सों के चौक में डॉ बी डी कल्ला ने शहर वासियों के साथ होली मनाई। शुभकामना संदेश में डॉ बी डी कल्ला ने कहा कि बीकानेर की होली अपने प्रेम, भाईचारे, साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए जग प्रसिद्ध है। संस्कृति व त्यौहार यहां के प्रत्येक व्यक्ति के रोम-रोम में समाये हुए है। बेनीवाल ने अपने निवास पर होली मनाई व शुभकामनाऐं दी। संभागीय आयुक्त व जिला कलक्टर ने भी अपने-अपने निवास पर होली खेली व शुभकामनाऐं दी। 

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