Thursday, 22 February 2024

KhabarExpress.com : Local To Global News
  1895 view   Add Comment

राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए सदस्यता अभियान, राजस्थान दिवस पर जयपुर मे धरना-प्रदर्शन

अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति की ओर से प्रदेश भर में सदस्यता अभियान शुरू किया गया है जिसमें समिति के संघटक राजस्थानी मोटयार परिषद्, चिन्तन परिषद् और महिला मोर्चा के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में गांव-गांव, ढाणी-ढाणी जाकर मायड भाषा की मान्यता हेतु सम्फ जगा रहे हैं. इस इसी अलख में 30 मार्च 2009 को राजस्थान दिवस के मौके पर समिति की ओर से राजधानी जयपुर में जिला कलेक्टर कार्यालय पर धरने का आयोजन किया गया है जिसमें प्रदेश भर से मातृभाषाप्रेमी शिरकत करेंगे.

आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए समिति की कार्ययोजना घोषित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष हरिमोहन सारस्वत ने कहा है कि किसी भी राजनैतिक दल ने प्रदेश के आमजन की भावनाओं से जुडे इस विषय को कभी गंभीरता से नहीं लिया और यही कारण की आजादी के साठ वर्षों के बाद भी देश का सबसे बडा राज्य अपनी मातृभाषा की मान्यता के अधिकार से वंचित है. निवृत्तमान केन्द्र सरकार ने राजस्थान विधानसभा द्वारा २५ अगस्त २००३ को राजस्थानी भाषा की मान्यता हेतु पारित सर्वसम्मत प्रस्ताव पर आश्वासन देने के सिवाय कुछ नहीं किया जिसका नतीजा उन्हे भुगतना होगा. राजस्थान के लोगों की भावनाओं से खिलवाड करते रहे नेताओं को आने वाले लोकसभा चुनावों में  राजस्थानी भाषा की मान्यता पर बात करनी ही होगी, अन्यथा संसद में जाने का उनका सपना अधूरा रह जाएगा.

समिति की ओर सभी प्रदेशवासियों से आह्वान किया गया है कि वे लोकसभा चुनावों में खडे हो रहे नेताओं से राजस्थानी भाषा की मान्यता की मांग करें और इसी शर्त पर उन्हे वोट दें कि वे संसद में जाने के बाद राजस्थानी में शपथ लेंगे और प्रथम सत्र में ही राजस्थानी की मान्यता का विधेयक पारित करवाएंगे. समिति के महामन्त्री डा. राजेन्द्र बारहठ के अनुसार संघर्ष समिति की ओर से राजस्थानी में चुनाव प्रचार सामग्री छपवाने वाले प्रत्याशियों का समर्थन किया जाएगा. राजस्थानी भाषा की संवैधानिक मान्यता हेतु प्रदेश का जन वर्षोंं से संघर्षरत है.

Tag

Post your comment