राजनीति क्यों नहीं होती टी-शर्ट की तरह - विनोद विट्ठल



बीकानेर, 4 मई। ‘‘राजनीति क्यों नहीं होती टी-शर्ट की तरह.../ हमजाद है पासवर्ड जिन्दगी का, बनाता कोई और है, बदलता कोई और है, जिंदगी हैकर्स की चीज बनकर रह जाती है../, अड़तालीस की उम्र अस्सी प्रतिशत है जिंदगी का, आखिरी आधे घंटे की फिल्म जैसे, चांद के साथ रात के आसमान में डट जाती हैं कुछ चिंताएं, गीतों की जगह यादआती हैं मजबूरियां./.’’..जैसी गहरी संवेदनाओं को समाहित किए हुए समसामयिक बिम्ब-प्रतिबिम्बों, आधुनिक शब्दावली को गहरे भावों के साथ पिरोकर अपनी विशिष्ट शैली में अभिव्यक्त कर उपस्थिति प्रबुद्धश्रोताओं को अपनी कविताओं की एक-एक पंक्ति से मंत्रमुग्ध कर सुख्यात कवि विनोद विट्ठल ने। 



अवसर था -चिंतन व सृजन को समर्पित प्रज्ञा परिवृत्त और बीकानेर प्रौढ़ शिक्षण समिति, बीकानेर के सह-आयोजन में सुख्यात कवि   विनोद बिट्ठल के एकल काव्यपाठ का। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कवि विनोद विट्ठल का माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर और स्मृतिचिन्ह प्रदान कर स्वागत किया गया।

स्थानीय प्रौढ़ शिक्षा भवन में आयोजित एकल काव्य पाठ में श्रीविट्ठल ने तरीके, जवाब, लेटर बॉक्स, टी-शर्ट, डायबिटीज, जैसी अपनी समकालीन और आधुनिक कविताओं के साथ वे पांच थी और जीवन थे दस, पांव वो जो वे जीन चाहती थीं और पांच वे जो वे जी रही थीं........मैंने भाषा के सबसे सुन्दर शब्द बचाकर रखे थे, तुम्हारे लिए.......जैसी उक्तियों ने का भावसिक्त पाठ करके सदन की ओर से दिली-प्रशंसा प्राप्त की।
आयोजन केे अध्यक्षीय उद्बोधन में कवि-संपादक डॉ. ब्रजरतन जोशी ने कहा कि साहित्यजगत में विट्ठल समाकालीन आधुनिक काव्यपरंपरा के श्रेष्ठ कवि के रूप में समकालीन कवियों के लिए प्रेरणादायक हैं।
आयोजन के प्रारंभ में साहित्यकार मधु आचार्य आशावादी ने कवि श्री विनोद विट्ठल की विशिष्ट काव्यशैली एवं कृतित्व से सदन को परिचय करवाया।
समिति की मानद सचिव सुशीला ओझा ने आगंतुकों का स्वागत किया। अंत में प्रज्ञा परिवृत्त के सचिव एडवोकेट गिरिराज मोहता ने आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। शहर के गणमान्य एवं प्रबुद्धजन की सक्रिय उपस्थिति ने काव्यपाठ को सार्थकता प्रदान की।  

Post a Comment

Previous Post Next Post