परम्परा सम्मान दीनदयाल ओझा को


बीकानेर। परम्परा सम्मान वर्ष 2014-15 के लिए जैसलमेर के विख्यात साहित्यकार दीनदयाल ओझा को अर्पित करने का निर्णय संस्था के निर्णायक मंडल ने लिया है। परम्परा सम्मान के लिए इस वर्ष के निर्णायक मंडल में श्रीमती मंजूलिका झंवर, श्रीमती विमला मोहता एवं डॉ. श्रीलाल मोहता शामिल थे। 

परंपरा की ओर से प्रतिवर्ष साहित्य, कला संस्कृति व समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूति को परम्परा सम्मान जिसमें 21000 रूपये, शॉल, श्रीफल और प्रतीक चिह्न होता है, एक पारंपरिक समारेाह में अर्पित किया जाता है। इस वर्ष का यह पारंपरिक समारोह जैसलमेर के पुष्करणा भवन में 5 जुलाई, 2015 को सायं 6 बजे पूर्व विधायक किशन सिंह भाटी की अध्यक्षता एवं समाजसेवी व पूर्व विधायक गोवर्धन कल्ला विशिष्ट अतिथि के सान्निध्य में संपन्न होगा। 
संस्था का यह सम्मान इस अर्थ में भी विशिष्ट है कि जिसके अंतर्गत संस्था बीकानेर से बाहर राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को यह सम्मान उन्हीं के घर आंगन में जाकर अर्पित करती है। इसके पीछे संस्था का सोच यह है कि प्रदेश के आंगन की बगिया में साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा पुंजों को न केवल चिह्नित किया जाए बल्कि उनकी व्यापक संवेदना के साथ विराट अनुभव संसार को मुख्यधारा में लाकर युवा पीढ़ी के लिए एक पथ प्रशस्त किया जाए। 
गौरतलब है कि ओझा विगत आधी से भी ज्यादा सदी से (50 वर्ष से अधिक) साहित्य, संस्कृति एवं आध्यात्मिक क्षेत्रों में अपनी सक्रिय ऊर्जा के साथ समर्पित व्यक्तित्व के रूप में समादरित है। इस दीर्घ अवधि में वे अब तक हिन्दी और राजस्थानी की पचास से अधिक कृतियों को रचना कर समाज का मार्गदर्शन कर रहे है। इससे पूर्व ओझा फूलचंद बांठिया, बीकानेर व उदयपुर से मानद डाक्रेट की उपाधि से भी सम्मानित हो चुके है।


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